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कोरोना से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा डिप्रेशन

सागर, द टेलीप्रिंटर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में डिप्रेशन, कोरोना से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के बाद यहां आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई हुई है। लॉकडाउन से पहले दो महीनों में जहाँ 85 लोगों ने आत्महत्या की थी जबकि लॉकडाउन के दौरान अकेले मई महीने में ही 106 लोगों ने आत्महत्या की है।

दरअसल कोरोना की वजह से बदली जीवनशैली और लॉकडाउन से आई आर्थिक मंदी को डिप्रेशन का कारण माना जा रहा है। डिप्रेशन के कारण आत्महत्या के मामले भी बढ़ रहे हैं। हालात यह है कि सागर जिले में जनवरी- फरवरी 85 लोगों ने आत्महत्या की थी जबकि अकेले मई में महीने में ही 106 लोगों ने आत्महत्या की है। इसके अलावा जून महिला में 88 लोगों ने आत्महत्या की है। आत्महत्या के पीछे कर्ज, व्यापार में नुकसान और पारिवारिक कारण वजह बताए जा रहे हैं।

बता दे कि पिछले दिनों ही शहर में दो व्यापारियों ने तालाब में कूदकर जान दे दी है। इनमें से एक व्यापारी ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की है। लॉकडाउन से पहले व्यापार करके वह अपना कर्ज चुकाते रहे लेकिन लॉकडाउन के कारण व्यापार ठप हुआ तो कर्जदार उसे तंग करने लगे। इससे परेशान होकर व्यापारी ने आत्महत्या कर ली। इसके अलावा दूसरे व्यापारी ने भी कर्ज से तंग आकर ही आत्महत्या की है।

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