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झाबुआ के 947 परिवारों को एक साल बाद भी नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

झाबुआ, द टेलीप्रिंटर। मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में रहने वाले 947 परिवारों को आवेदन करने के एक साल बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह परिवार टूटे-फूटे घरों में रहकर अपनी गुजर-बसर करने पर मजबूर हैं। कई परिवार ऐसे भी हैं जो तीन बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन पक्के मकान का रास्ता देखते-देखते घर के बुजुर्गों की आँखे पथरा गई है।

सरकार चाहे कितनी भी अच्छी योजना बना ले लेकिन सरकार के अफसर उन योजनाओं को जमीनी स्तर पर साकार नहीं होने देंगे तो उन योजनाओं का कोई लाभ नहीं होगा। ऐसे ही मामला झाबुआ जिले के मेघनगर से सामने आया है। यहां रहने वाले 947 परिवारों ने एक साल पहले प्रधानमंत्री योजना में आवास लेने के लिए आवेदन दिया था लेकिन आज तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। अधिकारी इन फाइलों को दबाकर ऐसे बैठ गए कि उन्हें एक साल बाद भी इस बात का जरा भी आभास नहीं है कि 900 से ज्यादा लोग आवेदन देने के बाद भी टूटे-फूटे घरों में रहकर अपनी गुजर-बसर कर रहे हैl

मेघनगर का वार्ड क्रमांक 7 में अधिकतर लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ नहीं मिल पाया है। टूटे-फूटे घरों में रहने को मजबूर यह लोग बरसात में अपने घर की छतों को हुए नुकसान के कारण सड़क पर आ गए हैं। ऐसे में यह लोग लगातार अभी भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें जल्द ही प्रधानमंत्री आवास में मकान मिलेगा। वार्ड में रहने वाले एक बुजुर्ग 3 से ज्यादा बार अपना आवेदन नगर परिषद में प्रधानमंत्री आवास के लिए दे चुके हैं लेकिन इन्हें बस यही कहा जाता है कि आपका आवास आएगा और इसी उदास चेहरे के साथ यह इसका रास्ता देखते रहते है।

वहीं क्षेत्र की महिलाओं का भी कहना है कई बार आवेदन दिए लेकिन इनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ना तो इनके पास में प्रधानमंत्री आवास योजना का घर है और ना ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनाए जाने वाले शौचालय।

बाइट – 01 खीमा बुजुर्ग, स्थानीय निवासी
बाइट – 02 पप्पू वसुनिया
बाइट – 03 स्थानीय, महिला
बाइट – 04 रुखसाना, महिला

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