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कोरोना वायरस के खौफ पर भारी आस्था, उत्सव में शामिल हुए हजारों आदिवासी

खरगोन, द टेलीप्रिंटर। खरगोन में आदिवासियों की आस्था कोरोना वायरस के खौफ पर भारी पड़ती नजर आई। पारंपरिक उत्सव में हजारों की संख्या में आदिवासी शामिल हुए और एक दूसरे के साथ ढोल पर थिरकते नजर आए। आदिवासियों के उत्सव पर कोरोना वायरस का असर नजर नहीं आया।

दरअसल कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने अलर्ट जारी किया है। सरकार लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने के लिए कह रही है। बावजूद इसके खरगोन जिले के धूलकोट में पारंपरिक गुड़ तोड़ने के उत्सव में हजारों की संख्या में आदिवासी जुटे। इस दौरान आदिवासियों ने ढोल की ताल पर जमकर डांस किया। उत्सव पर कोरोना वायरस का कोई असर नजर नहीं आया।

दरअसल भगवानपुरा विधानसभा के ग्राम धूलकोट में सप्तमी के दूसरे दिन पर पारंपरिक गुड़ तोड़ने का उत्सव मनाया जाता है। हज़ारों की संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष एकत्रित होकर उत्सव मनाते हैं। उत्सव में आदिवासी टोली बनाकर नाचते हैं। उत्सव में पुरुष गुड़ तोड़ने के लिए प्रयास करते हैं जबकि महिलाओं द्वारा उन पर लाठियां बरसाई जाती है। इस उत्सव को दो साल में एक बार मनाते हैं, क्योंकि एक वर्ष पास के ही गाँव में और एक वर्ष धूलकोट में मनाते हैं।

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